भाग-2
अरूज़ में सालिम रुक्न, ज़िहाफ़, वतद, सबब और अन्य मूलभूत तत्वों की सम्पूर्ण समझ
ग़ज़ल की दुनिया में अगर भावनाएँ रूह हैं, तो अरूज़ उसका ढाँचा है। इस लेख में हम ग़ज़ल लेखन की नींव रखने वाले तत्वों पर बात करेंग…
ग़ज़ल की दुनिया में अगर भावनाएँ रूह हैं, तो अरूज़ उसका ढाँचा है। इस लेख में हम ग़ज़ल लेखन की नींव रखने वाले तत्वों पर बात करेंग…
शायरी एक ऐसी कला है जिसमें भावनाएँ सिर्फ़ शब्दों से नहीं, बल्कि लय और संगीतात्मकता से भी व्यक्त होती हैं। शायरी में शब्दों की…
बह्र का अर्थ होता है छंद, यानी वह मीटर या लयात्मक ढांचा जिसमें किसी शेर को बाँधा जाता है। जैसे हिंदी कविता में छंदों का नियम हो…
वज़्न यानी मीटर शायरी की वह लयात्मक संरचना होती है जो किसी शेर या मिसरे को सुनने में मधुर, संतुलित और प्रभावशाली बनाती है। यह कव…
अरूज़ शायरी का वो नियम है जो यह बताता है कि कोई शेर लय (मीटर) में है या नहीं। जैसे भाषा को सही ढंग से बोलने और लिखने के लिए व्या…